Nomination Policy for Employees Rajasthan (Nomination Format-6) परिचय
Nomination Policy किसी संगठन या सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए बनाई गई नीतियों का हिस्सा है, जो यह तय करती है कि कर्मचारी के आर्थिक लाभ, वेतन, पेंशन या अन्य लाभों का हकदार कौन होगा, अगर कर्मचारी की आकस्मिक मृत्यु या अन्य आपात स्थिति में लाभार्थी निर्धारित करना हो।
Rajasthan Government Employees के लिए यह नीति विशेष रूप से उनके पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवाभावनाओं से संबंधित है।
Nomination Format-6 इस प्रक्रिया का आधिकारिक फॉर्म है, जिसे कर्मचारी भरकर अपने विभाग या HR कार्यालय में जमा करते हैं।

Nomination Format-6 में शामिल मुख्य जानकारी
- कर्मचारी का विवरण:
- पूरा नाम
- कर्मचारी आईडी या सेवा संख्या
- वर्तमान पद और विभाग
- नामित व्यक्ति का विवरण:
- नामित व्यक्ति का नाम
- संबंध (जैसे पति/पत्नी, बच्चे, माता-पिता आदि)
- जन्म तिथि
- पता और संपर्क विवरण
- आवेदन का उद्देश्य:
- पेंशन, ग्रेच्युटी, बीमा या अन्य वित्तीय लाभों के लिए नामांकन
- हस्ताक्षर और प्रमाणन:
- कर्मचारी के हस्ताक्षर
- विभागीय अधिकारी / Head of Office का हस्ताक्षर और मोहर
Nomination Policy के लाभ
- वित्तीय सुरक्षा:
- कर्मचारी की आकस्मिक मृत्यु या अन्य स्थिति में परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिलती है।
- स्पष्ट अधिकार:
- नामित व्यक्ति को अधिकार स्पष्ट रूप से मिलते हैं, जिससे विवाद की संभावना कम होती है।
- सरकारी रिकॉर्ड:
- HR या प्रशासनिक विभाग के रिकॉर्ड में कर्मचारी के नामांकित लाभार्थी का विवरण रहता है।
Nomination Format-6 कैसे प्राप्त करें?
- यह फॉर्म आमतौर पर राजस्थान सरकार के विभागीय पोर्टल या HR विभाग की वेबसाइट पर PDF में उपलब्ध होता है।
- कर्मचारी इसे डाउनलोड कर भर सकते हैं और Head of Office / HR विभाग से प्रमाणित करवा सकते हैं।
स्टेप्स:
- विभागीय पोर्टल पर जाएँ।
- Nomination Format-6 PDF डाउनलोड करें।
- सभी विवरण सही ढंग से भरें।
- Head of Office / HR अधिकारी से प्रमाणित करवाएँ।
- विभाग में जमा करें और अपनी कॉपी रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. Nomination Format-6 कौन भर सकता है?
➡ राजस्थान सरकार के सभी नियमित और संविदा कर्मचारियों द्वारा भरा जा सकता है।
Q2. क्या Nomination Policy केवल पेंशन के लिए है?
➡ नहीं, यह पेंशन, ग्रेच्युटी, बीमा और अन्य वित्तीय लाभों के लिए लागू होती है।
Q3. क्या नामित व्यक्ति बाद में बदला जा सकता है?
➡ हाँ, कर्मचारी अपनी सेवा अवधि में कभी भी अपने नामित लाभार्थी को बदल सकता है, बशर्ते कि सही प्रक्रिया का पालन किया जाए।
Q4. फॉर्म जमा करने के बाद क्या प्रक्रिया होती है?
➡ HR या संबंधित विभाग फॉर्म का सत्यापन करता है और रिकॉर्ड में अपडेट करता है।
निष्कर्ष
Nomination Policy (Nomination Format-6) कर्मचारियों और उनके परिवार के लिए आर्थिक सुरक्षा और स्पष्ट अधिकार सुनिश्चित करती है। इसे भरना और सही ढंग से प्रमाणित कराना सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए बहुत जरूरी है।





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