मध्य प्रदेश में विवाह पंजीकरण प्रक्रिया व ऑफलाइन पीडीएफ़ फॉर्म

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मध्य प्रदेश विवाह पंजीकरण क्या है (Madhya Pradesh Marriage Registration Certificate)

मध्य प्रदेश राज्य मै और राज्यों की तरह ही विवाह पंजीकरण एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से विवाह को राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा मान्यता मिलती है। यहाँ जोड़े दो प्रमुख कानूनों के तहत अपने विवाह का पंजीकरण करा सकते हैं:

  • Special Marriage Act, 1954 (विशेष विवाह अधिनियम)
  • Hindu Marriage Act, 1955 (हिंदू विवाह अधिनियम)
    साथ ही, राज्य के अंतर्गत Madhya Pradesh Compulsory Registration of Marriages Act, 2008 के अंतर्गत विवाह पंजीकरण अनिवार्य है।
    विवाह पंजीकरण के लिए आवेदन उप-रजिस्ट्रार कार्यालय, जन-सेवा केंद्र या राज्य सरकार के ई-नगर पालिका पोर्टल द्वारा किया जा सकता है।
    पंजीकरण के पश्चात विवाह प्रमाण-पत्र जारी किया जाता है, जो आगे अनेक सरकारी तथा निजी कार्यों में आवश्यक होता है।
    यह प्रक्रिया जोड़ों को वैधानिक सुरक्षा देती है और भविष्य में उत्पन्न होने वाले विवादों से बचने में मदद करती है।

मध्य प्रदेश विवाह पंजीकरण के लाभ (Benefits of Marriage Registration in Madhya Pradesh)

विवाह पंजीकरण करवाने से निम्नलिखित चार (मुख्य) लाभ मिलते हैंः

  1. कानूनी वैधता – पंजीकृत विवाह को सरकार और कानून द्वारा मान्यता प्राप्त होती है, जो संपत्ति, उत्तराधिकार तथा अन्य कानूनी मामलों में बहुत काम आती है।
  2. विवाह का प्रमाण – विवाह प्रमाण-पत्र के रूप में एक दस्तावेज मिलता है, जिसे विभिन्न सरकारी लाभ, पासपोर्ट, वीजा आदि प्रक्रियाओं में प्रमाण के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
  3. सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण योजनाएँ – पंजीकृत विवाह वाले जोड़ों को सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ मिलने में आसानी होती है।
  4. अधिकारों का संरक्षण – विवाह में असहमति, तलाक, गुजारा भत्ता, संतानों की जिम्मेदारी आदि मामलों में पंजीकरण एक मजबूत आधार देता है और दोनों पक्षों के अधिकारों की रक्षा करता है।

मध्य प्रदेश विवाह पंजीकरण के कानून (Laws Applicable for Marriage Registration in Madhya Pradesh)

मध्य प्रदेश में विवाह पंजीकरण के लिए प्रमुख चार कानून नियम-प्रावधान हैंः

  • मध्य प्रदेश विवाह पंजीकरण अधिनियम, 2008 – राज्य में संपन्न सभी विवाहों का पंजीकरण अनिवार्य करता है।
  • मध्य प्रदेश अनिवार्य विवाह पंजीकरण नियम, 2008 – विवाह समारोह के 30 दिन के भीतर पंजीकरण करने का प्रावधान करता है।
  • मध्य प्रदेश हिंदू विवाह पंजीकरण नियम, 1984 – हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत राज्य में विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया निर्धारित करता है।
  • विशेष विवाह अधिनियम, 1954 – धर्म, जाति, समुदाय से ऊपर उठकर विवाह को कानून द्वारा मान्यता देता है और पंजीकरण के लिए विकल्प देता है।
मध्य प्रदेश विवाह पंजीकरण दस्तावेज (Documents required for marriage registration in Madhya Pradesh)

पंजीकरण के समय निम्नलिखित दस्तावेज़ आमतौर पर माँगे जाते हैंः

  • वर और वधू की प्रत्येक 4-4 पासपोर्ट आकार की तस्वीरें।
  • वर और वधू का जन्म प्रमाण-पत्र या अंक-तालिका।
  • विवाह कार्ड या निमंत्रण पत्र।
  • विवाह समारोह की 3 पोस्ट-कार्ड आकार की तस्वीरें।
  • यदि पंजीकरण में 21 दिन से अधिक विलंब हो गया हो, तो दोनों पक्षों से शपथ पत्र।
  • यदि विवाह किसी पंजीकृत पुजारी या संस्था द्वारा संपन्न हुआ हो, तो उनके प्रमाणपत्र।
  • दूल्हा-दुल्हन एवं दो गवाहों की व्यक्तिगत उपस्थिति।
  • दूल्हा-दुल्हन एवं माता-पिता (वधू और वर दोनों) के पहचान प्रमाण।
मध्य प्रदेश विवाह पंजीकरण पात्रता (Eligibility Criteria for Marriage Registration in Madhya Pradesh)

पंजीकरण हेतु निम्नलिखित मानदंड पूरे होने चाहिएः

  • विवाह के समय वर की आयु 21 वर्ष तथा वधू की आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
  • पति या पत्नी के रूप में किसी अन्य का जीवित जीवनसाथी नहीं होना चाहिए।
  • दोनों पक्षों की मंशा स्वेच्छा-पूर्वक होनी चाहिए, मानसिक रूप से वे सक्षम होने चाहिए।

मध्य प्रदेश विवाह पंजीकरण आवेदन प्रक्रिया (Online Marriage Registration Process in Madhya Pradesh)

राज्य में ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। प्रक्रिया आमतौर पर इस प्रकार हैः

  1. राज्य सरकार की आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ (उदाहरण-स्वरूप: MP eNagar Palika Portal)।
  2. “Marriage Registration” सेवा चुनें।
  3. आवेदन फॉर्म का चयन करें और आवश्यक विवरण भरें।
  4. दस्तावेज़ अपलोड करें, शुल्क का भुगतान करें।
  5. भुगतान प्रमाण के साथ स्थानीय कार्यालय में मूल दस्तावेज़ जमा करें (यदि ऑफलाइन पैनल आवश्यक हो)।
  6. सत्यापन के बाद प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा।

आवेदन शुल्क (Application fee and duration for marriage registration in Madhya Pradesh)

  • पंजीकरण शुल्क सामान्यतः ₹100 से ₹500 के बीच हो सकती है (हिंदू/विशेष विवाह अधिनियम के तहत)।
  • विलंबित पंजीकरण पर अतिरिक्त शुल्क लागू हो सकती है।
  • प्रमाण-पत्र जारी होने में सत्यापन प्रक्रिया के आधार पर 15-30 दिन तक लग सकते हैं।
Madhya Pradesh Marriage Registration Additional Information
  • ध्यान दें कि पंजीकरण न होने से विवाह अमान्य नहीं होता — उदाहरण-स्वरूप, हिंदू विवाह नियम, 1984 में यह स्पष्ट किया गया है कि पंजीकरण अनिवार्य नहीं है, लेकिन पंजीकरण होने से अनेक फायदे हैं।
  • ऑनलाइन पंजीकरण के लिए सत्यापन प्रक्रिया, फोटो/वेबकैम एवं पहचान प्रमाण आदि आधुनिक ढंग से अपनाए गए हैं।
  • विवाह पंजीकरण के साथ-साथ, जोड़े को यह सुझाव दिया जाता है कि वे विवाह के तुरंत बाद पंजीकरण कर लें — इससे भविष्य में कानूनी विवाद एवं प्रारंभिक देरी से होने वाली कठिनाइयाँ कम होती हैं।

मध्य प्रदेश विवाह पंजीकरण से जुड़े सामान्य प्रश्न (FAQs)

1️⃣ मध्य प्रदेश में विवाह पंजीकरण अनिवार्य है क्या?

हाँ, मध्य प्रदेश अनिवार्य विवाह पंजीकरण अधिनियम, 2008 के अनुसार राज्य में संपन्न हर विवाह का पंजीकरण कराना आवश्यक है। इससे विवाह को कानूनी मान्यता मिलती है और प्रमाण-पत्र जारी किया जाता है।

2️⃣ मध्य प्रदेश में विवाह पंजीकरण के लिए कहाँ आवेदन करें?

आप विवाह पंजीकरण के लिए अपने जिले के उप-रजिस्ट्रार कार्यालय या ई-नगर पालिका पोर्टल (mpenagarpalika.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

3️⃣ विवाह पंजीकरण के लिए कौन-से दस्तावेज़ जरूरी हैं?
  • दूल्हा-दुल्हन की पहचान प्रमाण (आधार कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट)
  • जन्म प्रमाण-पत्र या 10वीं की मार्कशीट
  • विवाह का आमंत्रण पत्र (Invitation Card)
  • विवाह की फोटो (3 पोस्टकार्ड आकार)
  • दोनों पक्षों के हस्ताक्षरित शपथ पत्र
  • दो गवाहों की पहचान और उपस्थिति
4️⃣ मध्य प्रदेश में विवाह पंजीकरण की फीस कितनी है?

सामान्यत: विवाह पंजीकरण शुल्क ₹100 से ₹500 तक होता है। यदि निर्धारित अवधि (30 दिन) के बाद आवेदन किया जाता है तो अतिरिक्त शुल्क भी लग सकता है।

5️⃣ विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र कितने दिन में मिल जाता है?

सभी दस्तावेजों के सत्यापन के बाद आमतौर पर 15 से 30 दिन के भीतर विवाह प्रमाण-पत्र जारी कर दिया जाता है।

6️⃣ क्या अलग धर्म के लोग भी मध्य प्रदेश में विवाह पंजीकरण करा सकते हैं?

हाँ, बिल्कुल। अलग-अलग धर्मों के जोड़े Special Marriage Act, 1954 के तहत विवाह पंजीकरण करा सकते हैं।

7️⃣ विवाह पंजीकरण के लिए न्यूनतम आयु क्या है?
  • वर (लड़का): 21 वर्ष
  • वधू (लड़की): 18 वर्ष
8️⃣ क्या मध्य प्रदेश विवाह पंजीकरण के लिए दोनों पक्षों की उपस्थिति जरूरी है?

हाँ, पंजीकरण के समय दूल्हा-दुल्हन और दो गवाहों की व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य होती है।

9️⃣ क्या मध्य प्रदेश विवाह पंजीकरण विदेश में भी मान्य होता है?

हाँ, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जारी विवाह प्रमाण-पत्र भारत के सभी राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी मान्य होता है। यह पासपोर्ट और वीज़ा प्रक्रिया में एक वैध दस्तावेज़ के रूप में उपयोग किया जाता है।

🔟 यदि मध्य प्रदेश विवाह पंजीकरण मै समय पर न कराया जाए तो क्या दंड है?

समय सीमा (30 दिन) के बाद पंजीकरण कराने पर जुर्माना या विलंब शुल्क लग सकता है, परंतु विवाह को अमान्य नहीं माना जाता।

मध्य प्रदेश विवाह पंजीकरण ऑफलाइन PDF फॉर्म

Marriage Registration in Madhya Pradesh Offline PDF Forms

📄 Marriage Registration Form 1 (Madhya Pradesh)

📥 फॉर्म 1 डाउनलोड करें

📄 Marriage Registration Form 2 (Madhya Pradesh)

📥 फॉर्म 2 डाउनलोड करें

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