JEEVAN PRAMAN क्या व क्यों जरूरी है
हमारे देश में करोड़ों लोग ऐसे हैं जिन्हे सरकार की तरफ से पेंशन मिलती हैं। किसी को केंद्र सरकार से, किसी को राज्य सरकार से, किसी को सरकारी दफ्तर या कंपनी से, तो किसी को सेना और फौज से Retire को पेंशन मिलती हैं। यही पेंशन उनकी घर-गृहस्थी चलाने का बड़ा सहारा होती है।
अब तक पेंशन प्राप्त करने के लिए एक दिक्कत हमेशा सामने आती रही है हर वर्ष बैंक मै, डाकघर या पेंशन(ट्रीजरी ऑफिस) मै जाकर जीवन प्रमाण पत्र(JEEVAN PRAMAN) (यानी कि “मैं अभी ज़िंदा हूँ”) देना पड़ता था।जिससे बुज़ुर्ग व बीमार लोगों के लिए यह बहुत बड़ी परेशानी बन जाती थी। कई बार इन लोगों को लाइन में भी लगना पड़ता था, या फिर पुराने दफ्तर से कागज़ लाना पड़ता था।यदि अगर कोई व्यक्ति अपने बच्चों के पास किसी और शहर चला जाता तो और भी मुश्किल हो जाती थी।
सरकार ने इसी दिक्कत को खत्म करने के लिए एक नया डिजिटल तरीका शुरू किया है, जिसे जीवन प्रमाण (Digital Life Certificate) कहते हैं। इसमें पेंशनधारी को अब बार-बार बैंक या दफ्तर नहीं जाना पड़ता ही। सिर्फ आधार से जुड़ा बायोमेट्रिक सिस्टम (जैसे फिंगरप्रिंट या आँख की पहचान) से आपका जीवन प्रमाण पत्र ऑनलाइन अपने घर पर ही बन जाएगा। मतलब आप जहाँ भी हैं, वहीं से जीवन प्रमाण का काम हो जाता है।
Jeevan Praman Patra सेवा से पेंशनधारियों को बहुत बड़ी राहत मिली है। इन ऑफिसों के बिना वजह चक्कर लगाना, न ही लाइन में खड़े रहना। अब पेंशन सीधे आपके खाते में आती रहेगी, और बुज़ुर्गों को चैन से जिंदगी जीने का मौका मिलेगा।
जीवन प्रमाण(Jeevan Praman) कैसे काम करता है?
जीवन प्रमाण आधार (Aadhaar) के ज़रिये पेंशनधारियों की पहचान करता है। जब कोई पेंशनभोगी उंगली का निशान या आँख की पुतली (आईरिस) से अपना आधार प्रमाणीकरण करता है, तो उसका डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बन जाता है।
यह प्रमाण पत्र अपने-आप जीवन प्रमाण के ऑनलाइन संग्रह में सुरक्षित हो जाता है। वहाँ से बैंक, डाकघर या कोई भी पेंशन देने वाली एजेंसी इसे देख सकती है और पेंशन जारी कर सकती है।
पेंशनधारी चाहे तो मोबाइल ऐप/कंप्यूटर से खुद जीवन प्रमाण बना सकता है या नज़दीकी जीवन प्रमाण केंद्र (CSC CENTER) पर जाकर यह काम करवा सकता है। बस आधार नंबर, PPO, बैंक खाता और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी देनी होती है।
सफलता पूर्वक सत्यापन होने के बाद आपके मोबाइल पर एक SMS आता है, जिसमें प्रमाण आईडी होती है। इसी आईडी से आप वेबसाइट(https://jeevanpramaan.gov.in/) से Jeevan Praman Patra डाउनलोड भी कर सकते हैं।
इस पोर्टल से सबसे बड़ी सुविधा यह है कि अब पेंशन प्राप्त करने के लिए हर साल बैंक या ऑफिस जाकर “जीवन प्रमाण पत्र” नहीं देना पड़ता। सब काम ऑनलाइन मोबाईल से हो जाता है और पेंशन अपने आप खाते में आती रहती है।
डिजिटल जीवन प्रमाण एक अतिरिक्त सुविधा है। यानी अगर कोई चाहे तो पहले की तरह मैनुअल तरीका भी इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन यह नई सुविधा बुज़ुर्गों और पेंशनधारियों के लिए बहुत आसान और सुविधाजनक है।
सरकार समय-समय पर इन नियमों की जांच करती रहती है और ज़रूरत पड़ने पर इसमें बदलाव भी कर देती है। अगर किसी संस्था या व्यक्ति को जीवन प्रमाण से जुड़ी जानकारी चाहिए, तो वे हेल्प डेस्क पर ईमेल से संपर्क भी कर सकते हैं।
ध्यान रखने वाली बात यह है कि भारत सरकार ने आधार अधिनियम 2016 लागू किया है। इसके तहत जीवन प्रमाण पत्र से जुड़ी जानकारी केवल पेंशन स्वीकृत करने वाली संस्था और पेंशन देने वाली एजेंसी के बीच ही साझा की जा सकती है। किसी और एजेंसी के साथ यह डेटा साझा करना मना है।
जीवन प्रमाण(Jeevan Pramaan – Software) के लिए ज़रूरी सिस्टम
Jeevan Pramaan – Software iPhone (iOS) पर
- मोबाइल का वर्ज़न iOS 14.0 या उससे ऊपर होना चाहिए।
- मोबाइल रूटेड (जेलब्रेक) नहीं होना चाहिए।
- ऐप स्टोर से पहले AadhaarFaceRd ऐप डाउनलोड करें और इंस्टॉल करें।
- फिर Jeevan Pramaan Face App डाउनलोड और इंस्टॉल करें।
⚡ खास बात – एंड्रॉइड और iOS दोनों पर आपको कोई बायोमेट्रिक मशीन की ज़रूरत नहीं है। आपका मोबाइल का कैमरा ही चेहरा (Face) कैप्चर करके प्रमाण पत्र बना देगा। अगर चाहें तो एंड्रॉइड ऐप को बायोमेट्रिक मशीन से भी चला सकते हैं।
Jeevan Pramaan – Software Windows कंप्यूटर (10/11) पर
- आपके कंप्यूटर में .NET Framework 4 या उससे ऊपर होना ज़रूरी है।
- Microsoft Visual C++ 2010 Redistributable Package इंस्टॉल होना चाहिए।
- कंप्यूटर पर जीवन प्रमाण चलाने के लिए फिंगरप्रिंट स्कैनर या आईरिस स्कैनर (बायोमेट्रिक मशीन) लगानी होगी।
नोट: अगर आपको Jeevan Pramaan – Software डाउनलोड करने में परेशानी हो, तो सिस्टम आपसे ईमेल आईडी मांगेगा। ईमेल डालने के बाद ही डाउनलोड लिंक मिलेगा।
किसी भी मदद के लिए आप सरकार के हेल्प डेस्क पर ईमेल कर सकते हैं:
jeevanpramaan@gov.in
जीवित प्रमाण (Jeevan Pramaan) मोबाइल ऐप गाइड
जीवन प्रमाण यानी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (Jeevan Pramaan) अब एंड्रॉयड मोबाइल पर भी आसानी से बनाया जा सकता है। इसके लिए आपको सिर्फ़ एक स्मार्टफोन और इंटरनेट की ज़रूरत होगी। यह काम आप अपने मोबाइल से फेस ऑथेंटिकेशन, फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन के ज़रिए कर सकते हैं।
Jeevan Pramaan के लिए आपके मोबाइल में एंड्रॉयड 9.0 या उससे ऊपर का वर्ज़न होना चाहिए। मोबाइल रूटेड नहीं होना चाहिए। कम से कम 4 GB RAM और 64 GB स्टोरेज (जिसमें 500 MB खाली जगह) ज़रूरी है। अगर आप फेस स्कैन से प्रमाण पत्र बनाना चाहते हैं तो मोबाइल का कैमरा 5 MP या उससे ज्यादा का होना चाहिए।
फेस ऑथेंटिकेशन के लिए अलग से किसी मशीन की ज़रूरत नहीं होती। इसके लिए आपको गूगल प्ले स्टोर से Aadhaar FaceRD App डाउनलोड करना होता है। वहीं अगर आप फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाना चाहते हैं तो उस बायोमेट्रिक डिवाइस की RD Service ऐप इंस्टॉल करनी होती है।

सबसे पहले आपको गूगल प्ले स्टोर से Aadhaar FaceRD ऐप या फिर बायोमेट्रिक डिवाइस की RD Service डाउनलोड करनी होगी। इसके बाद Jeevan Pramaan App इंस्टॉल करें। जब ऐप खुलता है तो आपको आवश्यक परमिशन देनी होंगी।

अब सबसे पहले ऑपरेटर रजिस्ट्रेशन करना होता है। ऑपरेटर कोई भी हो सकता है, यहाँ तक कि पेंशनर खुद भी Jeevan Pramaan ऑपरेटर बन सकते हैं।

इसके लिए आधार नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल डालना होता है। OTP आने पर उसे दर्ज कर देना है।

इसके बाद ऐप में चेहरा, फिंगरप्रिंट या आईरिस से ऑथेंटिकेशन किया जाता है।

एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद डिवाइस और ऑपरेटर रजिस्ट्रेशन सफल हो जाता है।

अब आती है असली प्रक्रिया – यानी पेंशनर ऑथेंटिकेशन। यहाँ पेंशनर को अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर और ज़रूरी पेंशन संबंधी जानकारी भरनी होती है।

OTP मिलने के बाद जब सही तरीके से जानकारी भर दी जाती है,

तब फेस, फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन के ज़रिए पहचान की पुष्टि होती है।




जैसे ही यह प्रक्रिया सफल होती है, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार हो जाता है।

पेंशनर को एक प्रमाण आईडी (Jeevan Pramaan Pramaan ID) मिलती है। यही आईडी पेंशन देने वाली संस्था (बैंक, डाकघर या ट्रेज़री) तक अपने-आप पहुँच जाती है। पेंशनर को कहीं जाकर इसे जमा करने की ज़रूरत नहीं होती। साथ ही पेंशनर के मोबाइल पर SMS भी आता है, जिसमें प्रमाण आईडी और डाउनलोड लिंक दिया होता है।
अगर आप फेस ऑथेंटिकेशन कर रहे हैं, तो बेहतर रिज़ल्ट के लिए कुछ सावधानियाँ ज़रूरी हैं। जैसे कि चेहरा सीधा कैमरे की ओर होना चाहिए, रोशनी बराबर होनी चाहिए, आँखें खुली होनी चाहिएं और सिर हिलना नहीं चाहिए। बहुत तेज़ रोशनी या छाया से बचें। अगर आप चश्मा पहनते हैं तो उसे साफ़ और पारदर्शी रखना चाहिए।
इस तरह, मोबाइल पर Jeevan Pramaan ऐप का इस्तेमाल करके पेंशनर आसानी से घर बैठे अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट(Jeevan Pramaan) बना सकते हैं।
जीवन प्रमाण ऑनलाइन करने की प्रक्रिया पीसी पर :-
इस Software का उपयोग करने के लिए आपके पास विंडोज़ 8 या उससे ऊपर का कोई भी ऑपरेटिंग सिस्टम होना चाहिए। साथ ही .Net Framework का नया वर्ज़न और एक STQC प्रमाणित बायोमेट्रिक डिवाइस(Mantra,Morpho,Iris) भी होना ज़रूरी है। यह डिवाइस RD सर्विस से जुड़ा होना चाहिए और इंटरनेट भी चालू होना चाहिए ताकि बायोमेट्रिक डिवाइस सर्वर और जीवन प्रमाण पोर्टल से जुड़ सके।
प्रक्रिया की शुरुआत जीवन प्रमाण की आधिकारिक वेबसाइट खोलने से करते है। यहा से आपको Jeevan Praman एप्लिकेशन डाउनलोड करनी होगी। डाउनलोड करते समय ईमेल आईडी और कैप्चा डालना होता है, जिसके बाद आपके मेल पर एक OTP आता है। OTP डालने के बाद डाउनलोड लिंक मिलता है जो केवल एक बार काम करता है। डाउनलोड की गई फ़ाइल को अनज़िप करके इंस्टॉल करना होता है। अगर आप Jeevan Praman मोबाइल पर उपयोग करना चाहते हैं तो इसके लिए एंड्रॉयड ऐप भी उपलब्ध है जिसकी लिंक नीचे दी गई है, परंतु इसमें भी बायोमेट्रिक डिवाइस की ज़रूरत होगी।

Jeevan Praman एप्लिकेशन इंस्टॉल करने के बाद सबसे पहले ऑपरेटर ऑथेंटिकेशन करना होता है। Jeevan Pramaan ऑपरेटर पेंशनर स्वयं भी हो सकते हैं। Jeevan Praman के लिए आधार नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल भरना होता है। मोबाइल और ईमेल पर OTP आता है, जिसे डालने के बाद फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन किया जाता है। सफल ऑथेंटिकेशन के बाद संदेश आता है कि प्रक्रिया पूरी हो गई है और एप्लिकेशन दोबारा शुरू हो जाती है।


इसके बाद पेंशनर ऑथेंटिकेशन का चरण आता है। पेंशनर को आधार और मोबाइल नंबर डालना होता है। मोबाइल पर एक OTP भेजा जाता है। OTP डालने के बाद स्क्रीन पर पेंशनर की जानकारी भरनी होती है। अगर किसी पेंशनर के पास एक से अधिक PPO नंबर हैं तो वे चाहें तो सभी जोड़ सकते हैं। विवाह और नौकरी से संबंधित जानकारी भी भरनी होती है। सभी विवरण सही-सही भरने के बाद बायोमेट्रिक स्कैन किया जाता है। स्कैन सफल होने पर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट यानी जीवन प्रमाण तैयार हो जाता है।

सर्टिफिकेट बनने के बाद पेंशनर को एक प्रमाण आईडी (Jeevan Praman Pramaan ID) मिलती है और मोबाइल पर एक एसएमएस आता है। इस एसएमएस में सर्टिफिकेट डाउनलोड करने का लिंक भी होता है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस प्रमाण पत्र को बैंक या पेंशन वितरण एजेंसी में अलग से जमा करने की ज़रूरत नहीं है। यह अपने आप संबंधित एजेंसी तक पहुँच जाता है।
अगर पेंशनर के पास और भी PPO नंबर हों तो वे आगे भी जोड़ सकते हैं। यदि केवल एक PPO है तो प्रक्रिया वहीं समाप्त हो जाती है।
इस प्रकार, Jeevan Praman की मदद से पेंशनर घर बैठे ही अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बना सकते हैं और पेंशन प्राप्त करने में आने वाली मुश्किलों से बच सकते हैं।
जीवन प्रमाण(Jeevan Pramaan – Software Downlaod Link)
| Jeevan Pramaan – Software Downlaod | Download Link | Official Website Download Link |
|---|---|---|
| Jeevan Pramaan – Pc Software Downlaod | Download Link | Download Link 2 |
| Jeevan Pramaan – Android Mobile Software Downlaod | Jeevan Pramaan App | AadhaarFaceRD app |
| Jeevan Pramaan – Iphone Software Downlaod | JeevanPramaan IOS | AadhaarFaceRD Ios |
क्यों ज़रूरी है Jeevan Pramaan App?
- घर बैठे सुविधा – अब पेंशनधारकों को हर साल बैंक या सरकारी ऑफिस मै जाकर “Jeevan Praman” जमा नहीं करना पड़ता।
- समय और मेहनत की बचत – लंबी लाइनों और बार-बार चक्कर लगाने से छुटकारा मिला है ।
- डिजिटल और सुरक्षित – आधार आधारित बायोमेट्रिक (फिंगर, फेस या आईरिस) से प्रमाणीकरण होता है जो पूरी तरह सुरक्षित है।
- सीधा बैंक तक पहुँचना – सर्टिफिकेट सीधे पेंशन देने वाली एजेंसी (बैंक/डाकघर/ट्रेज़री) तक पहुँच जाता है।
- SMS अलर्ट की सुविधा – पेंशनभोगी को प्रमान-ID और अपडेट्स SMS से मिलते रहते हैं।
- कहीं से भी जनरेट कर सकते हैं – मोबाइल या कंप्यूटर से देश के किसी भी कोने से DLC(Jeevan Praman Patra) बनाया जा सकता है।
- दोबारा प्रिंट/डाउनलोड की सुविधा – जरूरत पड़ने पर प्रमाणपत्र वेबसाइट से कभी भी डाउनलोड किया जा सकता है।
- डिजिटल इंडिया पहल का हिस्सा – यह सरकार की ई-गवर्नेंस योजना का एक अहम कदम है।
जीवित प्रमाण (Jeevan Praman) सकारात्मक पक्ष (फायदे)
- घर बैठे सुविधा – पेंशनभोगी को दफ्तर/बैंक जाने की ज़रूरत नहीं।
- समय और पैसा बचता है – लाइन में खड़े होने और सफर का झंझट नहीं।
- आधार आधारित सुरक्षित प्रणाली – बायोमेट्रिक से प्रमाणन, नकली प्रमाणपत्र की संभावना कम।
- डिजिटल रिकॉर्ड – प्रमाणपत्र ऑनलाइन संग्रह में सुरक्षित रहता है।
- कहीं से भी उपलब्ध – मोबाइल/कंप्यूटर से कभी भी बनवा सकते हैं।
- सीधा बैंक तक पहुँचना – प्रमाणपत्र अपने आप पेंशन एजेंसी को मिल जाता है।
- SMS अलर्ट – तुरंत जानकारी मिलती है, पारदर्शिता बढ़ती है।
जीवित प्रमाण (Jeevan Praman)नकारात्मक पक्ष (कमियाँ)
- इंटरनेट निर्भरता – जिनके पास स्मार्टफोन या इंटरनेट नहीं, उन्हें कठिनाई।
- बायोमेट्रिक दिक्कतें – बुजुर्गों की उंगलियों के निशान सही से न पढ़ पाने की समस्या।
- तकनीकी गड़बड़ी – ऐप या मशीन में त्रुटि होने पर प्रमाणपत्र नहीं बन पाता।
- डिजिटल ज्ञान की कमी – ग्रामीण और अशिक्षित पेंशनभोगियों के लिए कठिन।
- बिजली और नेटवर्क समस्या – गाँव या दूर-दराज़ के क्षेत्रों में चुनौती।
जीवन प्रमाण से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Jeevan Praman FAQ)
प्रश्न: जीवन प्रमाण या डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) क्या है?
जीवन प्रमाण एक Digital Jeevan Praman Ptra है, जो आधार और बायोमेट्रिक (उंगली के निशान या आँख की पुतली) से बनता है। इससे पेंशनधारी को हर साल बैंक या दफ्तर जाकर “मैं ज़िंदा हूँ” का सबूत देने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
प्रश्न: जीवन प्रमाण का विंडोज़ एप्लिकेशन कैसे डाउनलोड करें?
जीवन प्रमाण वेबसाइट https://jeevanpramaan.gov.in पर जाएँ या ऊपर “Download” टैब पर क्लिक करें।
प्रश्न: जीवन प्रमाण मोबाइल ऐप कैसे डाउनलोड करें?
Jeevan Pramaan – Software वेबसाइट पर “Download” टैब मै ईमेल और कैप्चा डालें → OTP डालें → “Mobile App Download” पर क्लिक करें → ईमेल पर लिंक आएगा → उस पर क्लिक करके ऐप (APK) डाउनलोड करें।
प्रश्न: यह पुराने जीवन प्रमाण पत्र (जो सरकारी अफसर देते थे) से अलग कैसे है?
पहले पेंशनधारी को खुद बैंक या दफ्तर जाकर जीवन प्रमाण पत्र देना पड़ता था। लेकिन डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट ऑनलाइन बन जाता है और सीधे बैंक/डाकघर को पहुँच जाता है। इसमें एक यूनिक आईडी (Pramaan ID) भी मिलती है।
प्रश्न: क्या Pramaan ID हमेशा के लिए मान्य रहती है?
नहीं। इसकी वैधता पेंशन देने वाली संस्था के नियमों के अनुसार होती है। समय खत्म होने पर नया जीवन प्रमाण बनाना पड़ेगा।
प्रश्न: कौन लोग जीवन प्रमाण बना सकते हैं?
सिर्फ वही पेंशनधारी, जिनकी पेंशन स्वीकृत करने वाली संस्था (PSA) जीवन प्रमाण पोर्टल पर जुड़ी हुई है। जो लोग दोबारा नौकरी में लग गए हैं या जिन्होंने दोबारा शादी कर ली है, वे इस सुविधा का उपयोग नहीं कर सकते।
प्रश्न: जीवन प्रमाण कहाँ से बनवाया जा सकता है?
- नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से
- बैंक/डाकघर/कोषागार (Treasury) से
- या फिर घर बैठे Windows PC/Laptop या Android मोबाइल से Jeevan Pramaan – Software द्वारा
प्रश्न: घर पर Jeevan Pramaan बनाने के लिए क्या चाहिए?
- एक STQC प्रमाणित बायोमेट्रिक डिवाइस
- उस डिवाइस का RD सर्विस इंस्टॉल होना चाहिए
- इंटरनेट कनेक्शन
- और जीवन प्रमाण एप्लिकेशन इंस्टॉल होना ज़रूरी है
प्रश्न: नज़दीकी CSC कैसे ढूँढें?
जीवन प्रमाण वेबसाइट पर “Locate a Centre” पर क्लिक करें। या फिर SMS भेजें –
मोबाइल से JPL <PinCode> लिखकर 7738299899 पर भेजें।
जैसे – JPL 110003
प्रश्न: Jeevan Pramaan बनाने के लिए कौन-सी जानकारी देनी होती है?
- आधार नंबर
- नाम और मोबाइल नंबर
- PPO नंबर (पेंशन भुगतान आदेश)
- पेंशन खाता और बैंक की जानकारी
- पेंशन स्वीकृत करने वाली संस्था और पेंशन देने वाली एजेंसी का नाम
- और अपनी बायोमेट्रिक जानकारी (फिंगरप्रिंट या आईरिस)
प्रश्न: CSC या बैंक/डाकघर से Jeevan Pramaan कैसे बनता है?
- पेंशनधारी अपनी जानकारी ऑपरेटर को देता है।
- ऑपरेटर सिस्टम में जानकारी डालता है।
- पेंशनधारी उंगली का निशान या आईरिस स्कैन कराता है।
- सफल प्रमाणीकरण पर DLC बन जाता है और एक यूनिक Pramaan ID SMS से मिलती है।
प्रश्न: क्या मुझे Jeevan Pramaan बैंक या डाकघर में जमा करना होगा?
नहीं। DLC अपने-आप ऑनलाइन एजेंसी को पहुँच जाता है।
प्रश्न: क्या मैं अपना Jeevan Pramaan – Software ऑनलाइन डाउनलोड कर सकता हूँ?
हाँ, Pramaan ID मिलने के बाद आप इस लिंक से डाउनलोड कर सकते हैं।
प्रश्न: Jeevan Pramaan स्वीकार हुआ या नहीं, यह कैसे पता चलेगा?
आपको DLC डाउनलोड करना होगा। अगर रिजेक्ट हो गया है, तो SMS भी आ जाएगा।
प्रश्न: अगर मेरा Jeevan Pramaan रिजेक्ट हो जाए तो?
अपनी पेंशन देने वाली एजेंसी से संपर्क करें और सही जानकारी देकर दोबारा नया DLC बनवाएँ।
प्रश्न: क्या डिजिटल जीवन प्रमाण बनाना ज़रूरी है?
नहीं। यह सिर्फ एक नई सुविधा है। चाहें तो पुराने तरीके से भी प्रमाण पत्र दे सकते हैं।
प्रश्न: आधार नंबर कैसे मिले?
नज़दीकी आधार नामांकन केंद्र (Aadhaar Enrollment Centre) पर जाएँ। स्थायी केंद्रों की जानकारी UIDAI की वेबसाइट पर मिल जाएगी।
प्रश्न: क्या यह डिजिटल प्रमाण पत्र मान्य है?
हाँ। यह आईटी एक्ट के तहत वैध है और सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है।
प्रश्न: दोबारा शादी करने वाले या नौकरी करने वाले पेंशनधारी DLC बना सकते हैं?
नहीं। ऐसे लोग डिजिटल जीवन प्रमाण का उपयोग नहीं कर सकते। उन्हें पहले की तरह मैनुअल जीवन प्रमाण पत्र देना होगा।
प्रश्न: क्या Jeevan Pramaan वेबसाइट पर सीधे DLC बनाया जा सकता है?
नहीं। इसके लिए एप्लिकेशन या CSC/बैंक का उपयोग करना होगा।
प्रश्न: क्या मुझे वेबसाइट पर पहले रजिस्टर करना होगा?
नहीं। न पेंशनधारी को और न CSC को अलग से रजिस्ट्रेशन करना होता है।
प्रश्न: क्या आधार नंबर ज़रूरी है?
हाँ। आधार नंबर या वर्चुअल आईडी (VID) के बिना डिजिटल जीवन प्रमाण नहीं बन सकता।


चलो, जीवन प्रमाण! बिल्कुल सुविधा खूब है, पर सबसे खूब सीखा कि अब हमें कैमरा की चेहरा कराते हैं। फिर भी, अगर जरूरत है, तो फिर आओ कैंटीन में जाएं, या फिर अपना कोड खोलें, चाहे फेस या फिंगरप्रिंट! आपको इसका लिखा है कि आप जिंदा है, यही बहुत ही सरल है!Basketball Bros
चलो, जीवन प्रमाण! बिल्कुल सुविधा खूब है, पर सबसे खूब सीखा कि अब हमें कैमरा की चेहरा कराते हैं। फिर भी, अगर जरूरत है, तो फिर आओ कैंटीन में जाएं, या फिर अपना कोड खोलें, चाहे फेस या फिंगरप्रिंट! आपको इसका लिखा है कि आप जिंदा है, यही बहुत ही सरल है!Basketball Bros
ये जानकारी बेहद उपयोगी है। जीवन प्रमाण के लिए सही डिवाइस और सॉफ़्टवेयर होना बहुत जरूरी है। कभी-कभी तो, यार, ये सब चीजें समझने में थोड़ी उलझन भी होती हैं। अगर आपको और मदद चाहिए, तो आप ये साइट चेक कर सकते हैं, वहाँ पर कुछ अच्छे गाइड मिलेगें। football