मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन(Vishwakarma Pension) योजना की सम्पूर्ण जानकारी:-
राजस्थान सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के मजदूरों,रास्ते या चौपालों पर रहड़ी लगाने वाले और अपने-अपने क्षेत्र मै महारत हासिल किए हुए कलाकारों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत केंद्र,राज्य सरकार व पेंशन चाहने वाले मजदूर तीनों मिलकर कुछ राशि जमा करते हैं,इससे सरकार के कोष से मजदूर की 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर मासिक पेंशन दी जाएगी।
मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना के लिए राज्य पेंशन निधि का निर्माण:-
राज्य सरकार द्वारा इस योजना को चलाने के लिए एक विशेष “राज्य पेंशन निधि” बनायी जाएगी। जिसमें पात्र मजदूर वर्ग के लोगों और सरकार दोनों की राशि जमा कि जाएगी।
- राज्य व केंद्र सरकार भी लाभार्थी के बराबर ही राशि का योगदान राज्य पेंशन निधि में करेगी।
- सभी अंशदानों की राशि को पूरा (राउंड ऑफ) किया जाएगा — यानी 50 पैसे या उससे अधिक को अगले रुपये में गिना जाएगा और 50 पैसे से कम को नहीं जोड़ा जाएगा।
- हर पात्र मजदूर वर्ग के लोगों को अपनी उम्र के अनुसार अंशदान चार्ट के मुताबिक नियमित रूप से अंशदान जमा करना होगा।
| विश्वकर्मा पेंशन प्रवेश आयु (वर्ष में) | अधिवार्षिकी आयु (वर्ष में) | सदस्य का मासिक अंशदान (₹) | राज्य सरकार का मासिक अंशदान (₹) | विश्वकर्मा पेंशन का योग (3+4) | केंद्र सरकार का मासिक अंशदान (₹) | कुल मासिक अंशदान (₹) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 18 | 60 | 40 | 15 | 55 | 55 | 110 |
| 19 | 60 | 42 | 16 | 58 | 58 | 116 |
| 20 | 60 | 44 | 17 | 61 | 61 | 122 |
| 21 | 60 | 46 | 18 | 64 | 64 | 128 |
| 22 | 60 | 48 | 20 | 68 | 68 | 136 |
| 23 | 60 | 50 | 22 | 72 | 72 | 144 |
| 24 | 60 | 52 | 24 | 76 | 76 | 152 |
| 25 | 60 | 54 | 26 | 80 | 80 | 160 |
| 26 | 60 | 56 | 29 | 85 | 85 | 170 |
| 27 | 60 | 58 | 32 | 90 | 90 | 180 |
| 28 | 60 | 60 | 35 | 95 | 95 | 190 |
| 29 | 60 | 62 | 38 | 100 | 100 | 200 |
| 30 | 60 | 64 | 41 | 105 | 105 | 210 |
| 31 | 60 | 66 | 44 | 110 | 110 | 220 |
| 32 | 60 | 68 | 52 | 120 | 120 | 240 |
| 33 | 60 | 70 | 60 | 130 | 130 | 260 |
| 34 | 60 | 72 | 68 | 140 | 140 | 280 |
| 35 | 60 | 75 | 75 | 150 | 150 | 300 |
| 36 | 60 | 78 | 82 | 160 | 160 | 320 |
| 37 | 60 | 81 | 89 | 170 | 170 | 340 |
| 38 | 60 | 84 | 96 | 180 | 180 | 360 |
| 39 | 60 | 87 | 103 | 190 | 190 | 380 |
| 40 | 60 | 90 | 110 | 200 | 200 | 400 |
| 41 | 60 | 100 | 320 | 420 | 420 | 840 |
| 42 | 60 | 100 | 340 | 440 | 440 | 880 |
| 43 | 60 | 100 | 360 | 460 | 460 | 920 |
| 44 | 60 | 100 | 380 | 480 | 480 | 960 |
| 45 | 60 | 100 | 400 | 500 | 500 | 1000 |
मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना में शामिल होने के लिए पात्रता:-
- व्यक्ति राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए।
- मजदूर की मासिक आय ₹15,000 से अधिक नही होनी चाहिए।
- मजदूर के पास बैंक का खाता, आधार नंबर, व ई-श्रम पोर्टल का रजिस्ट्रेसन नंबर होना जरूरी है।
- श्रमिक की आयु 18 वर्ष से कम या 45 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- जिस श्रमिक का राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS), ईएसआईसी, ईपीएफ मै या आयकर दाता है, वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगा।
- असंगठित श्रमिक, पथ विक्रेता और लोक कलाकार हो
- ई-श्रम पोर्टल से प्राप्त UAN (Universal Account Number) हो,आधार / जनाधार कार्ड हो
विश्वकर्मा पेंशन योजना में पंजीकरण के दस्तावेज
- जनाधार
- आधार कार्ड,
- ई-श्रम पोर्टल से प्राप्त UAN (Universal Account Number) | (यदि किसी लाभार्थी का UAN नहीं है तो, आप ई-श्रम पोर्टल पर जाकर उसके आधार नं० से तुरंत ई-श्रम में पंजीयन कर UAN प्राप्त कर सकते है।)
- आईएफएससी कोड के साथ बचत बैंक खाते का ब्यौरा (बैंक खाते की गवाही के लिए बैंक पासबुक या कैंसल चैक या बैंक स्टेटमेंट की कॉपी)
- स्कीम के तहत नाम दर्ज कराने के लिए शुरूआती अंशदान की राशि
SBI Vishwakarma Loan Yojana: आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और लाभ 2025
विश्वकर्मा पेंशन योजना में मजदूर के पंजीकरण की प्रक्रिया शॉर्ट मै:-
- पेंशन योजना के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगा।
- योजना में रजिस्ट्रेशन के लिए पात्र लाभार्थी को MVPY के पोर्टल पर स्वयं ऑनलाइन पंजीकरण भी कर सकते है।
- पंजीकरण पूर्ण होने के बाद अभिदाता को एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त होगा, जिसके माध्यम से वह आगे की स्थिति देख सकता है।
- यह प्रक्रिया राज्य बीमा विभाग की देखरेख में की जाएगी।
- इस योजना मै पंजीकरण के कार्य में श्रम विभाग, स्थानीय निकाय, कला एवं संस्कृति विभाग और अन्य संबंधित विभाग सहयोग करेंगे।
- पात्र मजदूर स्वयं भी MVPY पोर्टल व ई-मित्र केंद्र के माध्यम से इस योजना मै आवेदन कर सकते हैं।
सीएम विश्वकर्मा पेंशन योजना ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया को आप नीचे दी गई इमेज को स्लाईड करके जान सकते है।
विश्वकर्मा पेंशन योजना में राशि देरी से जमा पर कार्रवाई :-
यदि कोई व्यक्ति समय पर अपना अंशदान नहीं जमा करता है, तो वह ब्याज सहित बकाया राशि जमा कर अपने खाते को फिर से नियमित कर सकता है। ब्याज दर का निर्धारण राज्य सरकार समय-समय पर करती रहेगी।
विश्वकर्मा पेंशन योजना छोड़ने पर देय राशि
- यदि कोई मजदूर 3 वर्ष बाद और 10 वर्ष से पहले इस योजना से हटता है तो श्रमिक द्वारा जमा कराई गई राशि को बैंक की ब्याज दर पर वापस दिया जाएगा।
- यदि कोई श्रमिक 10 वर्ष बाद लेकिन 60 वर्ष से पहले इस योजना से हटता है तो जमा की गई राशि पर वास्तविक या बैंक ब्याज दर जो भी अधिक हो के साथ ब्याज सहित राशि लौटाई जाएगी।
- यदि मजदूर की मृत्यु हो जाए तो उसका पति या पत्नी इस योजना में बने रह सकते हैं या ब्याज सहित जमा राशि प्राप्त करके इस योजना को छोड़ सकते हैं।
- मजदूर और उसके पति/पत्नी की मृत्यु के बाद संपूर्ण जमा की गई राशि राज्य पेंशन निधि में वापस चली जाएगी।
- सिर्फ मजदूर का अंशदान वापस किया जाएगा सरकार का नहीं वह राज्य पेंशन निधि में ही रहेगा।
- यदि मजदूर विकलांग हो जाता है तो पति या पत्नी अंशदान जारी रख सकते है या इस योजना में बने रह सकते हैं या फिर ब्याज सहित जमा राशि लेकर योजना से बाहर निकल सकते हैं।
- विकलांग की स्थिति में भी सरकार का अंशदान राज्य की पेंशन निधि में वापस जमा कर दिया जाएगा।
विश्वकर्मा पेंशन का भुगतान
- विषकर्मा पेंशन योजना में शामिल व्यक्ति को 18 से 45 वर्ष की आयु के बीच राशि को किस्तों मै जमा कराना होता है।
- मजदूर की 60 वर्ष उम्र पूरी होने पर ₹3000 प्रति महीने की कम से कम पेंशन दी जाएगी।
- यह पेंशन राज्य सरकार द्वारा निर्धारित पेंशन फंड मैनेजर (PFM) या राज्य पेंशन निधि से दी जाएगी।
विश्वकर्मा योजना पारिवारिक पेंशन
यदि पेंशन प्राप्त करने वाले व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो उसका पति या पत्नी उसके पेंशन का 50% हिस्सा पारिवारिक पेंशन के रूप में प्राप्त करेंगे।
यह लाभ केवल पति या पत्नी को ही मिलेगा, अन्य परिवारजनों को नहीं।
विश्वकर्मा पेंशन(Vishwakarma Pension) विभागों की भूमिका
इस योजना के चलाने में कई विभागों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं जो निम्न है –
- प्रशासनिक विभाग: वित्त (बीमा) विभाग राजस्थान सरकार
- नोडल विभाग: राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग – इस योजना का चलाना व निरीक्षण करने, शिकायतो का निवारण और मजदूरों के दावॉ का निपटारा करना शामिल है।
- सहयोगी विभाग: श्रम विभाग, स्थानीय निकाय विभाग, कला एवं संस्कृति विभाग आदि – इस विभाग का कार्य लाभार्थियों की पहचानकरना, जागरूकता जनता के बीच फैलाना और इस योजना मै पंजीकरण के लिए सहयोग करना है।
विश्वकर्मा योजना मै पेंशन की समस्याओ का समाधान
- मामला राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के निदेशक को भेजा जाएगा।
- यदि वहाँ समाधान नहीं होता, तो मामला वित्त (व्यय) विभाग के शासन सचिव के पास जाएगा, जिनका निर्णय अंतिम होगा।
- यदि फिर भी असहमति हो, तो अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त विभाग को अपील की जा सकती है।
विश्वकर्मा पेंशन वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप
इस योजना के सभी कार्यों को जैसे पंजीकरण करना, अंशदान को इकट्ठा करना, शिकायतों का निवारण करना, दावों का निपटारा करना आदि के लिए एक विश्वकर्मा योजना वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप विभाग द्वारा विकसित किया जाएगा।
यह विश्वकर्मा योजना वेब पोर्टल भारत सरकार के श्रमयोगी पोर्टल से भी जोड़ा जाएगा जिससे केंद्र सरकार व राज्य के मध्य जानकारी को सांझा की जा सकेगा।
विश्वकर्मा योजना मै 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के लिए विशेष प्रावधान
18 से 40 साल के मजदूर जो इस योजना के योग्य हैं, उन्हें प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PMSYM) में शामिल किया जाएगा। भारत सरकार जितना अंशदान तय करेगी और राज्य सरकार को जितना देना होगा, उसमें जो भी फर्क रहेगा, वह राज्य सरकार खुद पूरा करेगी। योजना को दोनों केंद्र व राज्य सरकार के नियमों के अनुसार चलाया जाएगा।
विश्वकर्मा योजना मै 41 से 45 वर्ष आयु के लोगों के लिए प्रावधान
इस आयु वर्ग के लिए भारत सरकार की PMSYM योजना में कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है कि लाभार्थी को हर महीने ₹100 का अंशदान खुद देना होगा। इसी के बराबर ₹100 का अंशदान राज्य सरकार भी करेगी। पूरी योजना ट्रस्ट मोड में चलाई जाएगी।
मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना रिफंड नीति (Refund Policy):-
- इस योजना मै रिफंड केवल उन्हीं मामलों में दिया जाता है, जब किसी व्यक्ति ने गलती से “पहला अंशदान भुगतान” गलती वश एक से ज्यादा बार कर दिया हो ऐसी स्थिति में एक भुगतान को पहले अंशदान के रूप में जमा कर दिया जाएगा और बाकी जो रह गई राशि को मजदूर के खाते मै वापस कर दी जाएगी।
- जमा की गई राशि का मिलान पूरा होने के बाद 10 से 15 बैंक कार्य दिवसों में रिफंड प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- रिफंड उसी माध्यम से किया जाएगा, जिससे भुगतान किया गया था — जैसे बैंक ट्रांसफर, कार्ड या UPI।
- रिफंड की गई राशि उपयोगकर्ता के बैंक या कार्ड स्टेटमेंट में 1 से 2 बिलिंग साइकिल के भीतर दिखाई देगी, यह बैंक या कार्ड जारीकर्ता पर निर्भर करेगा।
- यदि भुगतान के समय कोई पेमेंट गेटवे शुल्क लेता है, तो उसका रिफंड देना या न देना पूरी तरह पेमेंट गेटवे के निर्णय पर निर्भर होगा। विभाग इस शुल्क को लौटाने के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।
- रिफंड स्वीकार या अस्वीकार होने की जानकारी उपयोगकर्ता को ईमेल के माध्यम से दी जाएगी। कृपया नियमित रूप से अपना ईमेल चेक करते रहें।
- किसी भी समस्या या सहायता के लिए विभाग के हेल्पडेस्क पर संपर्क करें: add.gis.sipf@rajasthan.gov.in
मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना रद्दीकरण नीति (Cancellation Policy)
- लाभार्थी द्वारा प्रथम अंशदान राशि के सफलतापूर्वक भुगतान के बाद किसी भी तरह का Cancellation अनुरोध स्वीकार नहीं किया जा सकता है। केवल उन्ही मामलों पर विचार किया जाता है जो रिफंड की नीति के अंतर्गत आते हैं।
- एक बार भुगतान सफल हो जाने के बाद ये वापस नहीं किया जाएगा इसलिए भुगतान करने से पहले सभी जानकारीया ध्यान से जांच कर ही पेमेंट करे।
- भुगतान सफल होने पर के बाद लाभार्थी को पुष्टि के लिए एक ईमेल भेजा जाएगा ये ईमेल भुगतान का सबूत होगा, जिसे भविष्य के लिए अपने पास सुरक्षित रखें।
मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना चार्जबैक नीति (Chargeback Policy)
चार्जबैक का मतलब – सफल भुगतान के बाद आप बैंक से पैसा वापस नहीं मांग सकते। अगर कोई समस्या है तो आपको विभाग की रिफंड प्रक्रिया से ही गुजरना होगा।
- लाभार्थियों से निवेदन है कि वे किसी भी भुगतान के लिए चार्जबैक (Chargeback) यानी बैंक या कार्ड से पैसा वापस लेने का अनुरोध नही करें। अगर भुगतान में कोई समस्या आती है, तो उसका हल पोर्टल की रिफंड नीति के तहत ही किया जाएगा।
- अगर कोई व्यक्ति बैंक से चार्जबैक का आवेदन करता है, तो इसे गलत या धोखाधड़ी वाली गतिविधि माना जाता है। ऐसी स्थिति में विभाग जरूरत पड़ने पर उस व्यक्ति से राशि की वसूली कर सकता है।
- भुगतान से जुड़ी किसी भी गलती या परेशानी के लिए कृपया केवल रिफंड नीति के अनुसार ही कार्य करें। सभी भुगतान मामलों का समाधान विभाग द्वारा तय किए गए नियमों के अनुसार किया जाएगा।
Vishwakarma Pension Scheme Link
Cm Vishwakarma Pension Scheme User-manual
Cm Vishwakarma Pension Scheme Adesh-PraPatra
Cm Vishwakarma Pension Scheme Faq :-
Q.1. Vishwakarma Pension योजना से मजदूर को क्या मिलेगा ?
👉इस योजना में शामिल व्यक्ति को 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर ₹3000 प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी।
Q.2. Vishwakarma Pension योजना में आवेदन कौन कर सकता है?
👉 कोई भी व्यक्ति जो राजस्थान का निवासी है और असंगठित क्षेत्र जैसे – कारीगर, मजदूर, दर्जी, लोहार, राजमिस्त्री, पथ विक्रेता आदि के रूप में काम करता है।
Q.3. Vishwakarma Pension योजना में कौन शामिल हो सकता है?
👉 18 से 45 वर्ष के बीच आयु वाला कोई भी असंगठित क्षेत्र का कार्यकर्ता इस योजना में शामिल हो सकता है।
Q.4. Vishwakarma Pension योजना में शामिल होने की आयु सीमा क्या है?
👉 18 वर्ष से लेकर 45 वर्ष तक के व्यक्ति पंजीकरण करा सकते हैं।
Q.5. पथ विक्रेता किसे कहा जाता है?
👉 जो व्यक्ति सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर वस्तुएँ बेचता है जैसे फल, सब्जियाँ, कपड़े, खिलौने आदि — उसे पथ विक्रेता कहा जाता है।
Q.6. मुझे हर महीने कितना Vishwakarma Pension Yojana मै अंशदान देना होगा?
👉 मासिक अंशदान आयु पर निर्भर करेगा। यह लगभग ₹55 से ₹200 प्रतिमाह तक हो सकता है।
Q.7. क्या राज्य सरकार भी अंशदान करती है?
👉 हाँ, राज्य सरकार लाभार्थी के जितना अंशदान करेगा, उतना ही समान योगदान (Matching Contribution) सरकार भी देगी।
Q.8. Vishwakarma Pension योजना में कितने समय तक पैसे जमा करवाने होंगे?
👉 लाभार्थी को 60 वर्ष की आयु तक नियमित रूप से अंशदान करना होगा।
Q.9. Vishwakarma Pension योजना का संचालन कौन करता है?
👉 इस योजना का संचालन वित्त (राजकोष एवं बीमा) विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा किया जाता है।
Q.10. यदि पेंशनर की मृत्यु हो जाए तो लाभ किसे मिलेगा?
👉 पेंशन प्राप्त करने वाले व्यक्ति की मृत्यु होने पर पति या पत्नी को पारिवारिक पेंशन दी जाएगी।
Q.11. पारिवारिक पेंशन कितनी होगी?
👉 पति या पत्नी को पेंशनर द्वारा प्राप्त पेंशन का 50 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा।
Q.12. क्या Vishwakarma Pension को बीच में बंद किया जा सकता है?
👉 नहीं, पेंशन केवल लाभार्थी की मृत्यु या नियमों के अनुसार ही बंद की जा सकती है।
Q.13. क्या बच्चों को पेंशन मिल सकती है?
👉 नहीं, पारिवारिक पेंशन का लाभ केवल पति या पत्नी को मिलेगा।
Q.14. Vishwakarma Pension योजना में आवेदन कैसे करें?
👉 आवेदन MVPY के पोर्टल पर ऑनलाइन किया जा सकता है या फिर नजदीकी ई-मित्र/CSC केंद्र से भी पंजीकरण करवाया जा सकता है।
Q.15. क्या Vishwakarma Pension योजना के साथ अन्य पेंशन योजना का लाभ मिल सकता है?
👉 हाँ, यदि कोई व्यक्ति अन्य पात्रता शर्तें पूरी करता है, तो वह अन्य योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान पेंशन योजना का भी लाभ ले सकता है।
Q.16.Vishwakarma Pension योजना से जुड़ी शिकायत कहाँ करें?
👉 योजना से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए आप ईमेल या कॉल कर सकते हैं:
दूरभाष: 0141-2200786 व ई-मेल: dir.sipf@rajasthan.gov.in
Q.17. यदि लाभार्थी निःशक्त हो जाए तो क्या पति या पत्नी पेंशन ले सकते हैं?
👉 हाँ, पेंशन प्राप्त करने वाले की मृत्यु के बाद उसका पति या पत्नी पारिवारिक पेंशन प्राप्त कर सकते हैं।
Q.18. निःशक्त होने पर या Vishwakarma Pension योजना छोड़ने पर क्या लाभ मिलेगा?
👉 योजना छोड़ने पर लाभार्थी को उसके द्वारा दिए गए अंशदान के साथ-साथ ब्याज का लाभ भी दिया जा सकता है, जैसा कि नियमों में प्रावधान है।
Q.19. क्या Vishwakarma Pension योजना में शामिल होना अनिवार्य है?
👉 नहीं, यह योजना स्वैच्छिक है। कोई भी व्यक्ति अपनी इच्छा से इसमें शामिल हो सकता है।
Q.20. क्या दूसरे राज्य का व्यक्ति Vishwakarma Pension योजना का लाभ ले सकता है?
👉 नहीं, यह योजना केवल राजस्थान के स्थायी निवासियों के लिए है।










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